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    उपायुक्त

    DEPUTY COMMISONER

                            उपायुक्त

    आज जब शिक्षा का क्षेत्र तीव्र गति से परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है, तब भी शिक्षण की मूल भावना और उसका सार शाश्वत है। देशभर के केन्द्रीय विद्यालयों में हमारे शिक्षक पूर्ण समर्पण, प्रतिबद्धता और अटूट उत्साह के साथ शिक्षा के उद्देश्य को आगे बढ़ा रहे हैं।

    हमारे शिक्षक राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के दृष्टिकोण को साकार करने, पीएम श्री की परिवर्तनकारी पहलों को आगे बढ़ाने, डिजिटल शिक्षण एवं कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) को अपनाने, अनुभवात्मक एवं दक्षता-आधारित अधिगम को बढ़ावा देने तथा 21वीं सदी के शिक्षार्थियों की बदलती आवश्यकताओं के अनुरूप अपनी शिक्षण-पद्धतियों को निरंतर समृद्ध करने में अग्रणी भूमिका निभा रहे हैं।

    तकनीक भले ही कक्षाओं का स्वरूप बदल दे, शिक्षा के केंद्र में शिक्षक सदैव बने रहेंगे।

    भारतीय ज्ञान परंपरा में सदैव यह माना गया है कि शिक्षा का उद्देश्य केवल ज्ञान अर्जित करना नहीं, बल्कि चरित्र, मूल्यों और विवेक का विकास करते हुए एक बेहतर मनुष्य बनना है। और इस परिवर्तन को संभव बनाने में शिक्षक की भूमिका सर्वोपरि है।

    वह शिक्षक जो किसी संघर्षरत विद्यार्थी की सहायता के लिए अतिरिक्त प्रयास करता है, संकोची बच्चे का उत्साह बढ़ाता है, किसी छिपी प्रतिभा को पहचानता है, अपने आचरण से सीख देता है और किसी युवा मन को कुछ बड़ा सोचने एवं सपने देखने के लिए प्रेरित करता है-वह केवल शिक्षा में ही नहीं, बल्कि राष्ट्र-निर्माण में भी अपना अमूल्य योगदान देता है।

    इस शिक्षक दिवस पर केन्द्रीय विद्यालय संगठन मुख्यालय अपने समस्त समर्पित शिक्षकों के अथक प्रयासों और देश के बच्चों के भविष्य को आकार देने में उनके अमूल्य योगदान के लिए हार्दिक आभार व्यक्त करता है और उन्हें शुभकामनाएँ प्रेषित करता है।

    तकनीक बदलती रहेगी, शिक्षा के तरीके भी बदलते रहेंगे, लेकिन एक शिक्षक की भूमिका और उसका प्रभाव सदैव बना रहेगा।

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